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बचपन की यादें...... 😔😔😔😔

 
एक पल था जब हम स्कूल से दौड़े🏃 दौड़े घर आते थे, 
स्कूल मे अध्यापक की मार खाने से बहुत घबराते थे...
उस 2 रुपये की चटपट😉 चीज़ लेकर सारे दोस्त मौज उड़ाते थे
बचपन मे देखा करते थे बड़ी गाड़ी🚗 और बड़े घर🏘️ के सपने पर आज जब बड़े हुए तो वो बचपन के दोस्त और 2 रुपये की चटपट बहुत याद आते हैं😒😒..... 
 आज हमारे पास दोस्त👬 तो बहुत है मगर सायद दोस्तों के पास वक़्त🕰️ नहीं.... 
पैसे💵 तो बहुत है पर वो चटपट🍬 का मजा नहीं.... 
याद आता है🙄 वो बचपन की छुपा चुप्पी वो पकडा पकडी 🏃‍♀️🏃‍♂️🏃...... 

वो बरसात मे काग़ज़ 🚤की नाव और गर्मी का काला खटटा🍦
पर हम आज बड़े हो गए मगर आज भी याद है वो बचपन का थैले वाला बसता💼.....
Kishan nishad.... 
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